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वेब एनसीआरआई
डॉ.एस.वी. प्रभात का संक्षिप्त परिचय

हमारे अध्यक्ष, डॉ.एस.वी. प्रभात, एक प्रतिभाशाली शैक्षिक पार्श्वभूमि (जिसके अंतर्गत एस.वी. विश्वविद्यालय, आन्ध्र प्रदेश से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर और सदर्न क्रॉस विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से इंटरनेशनल बिजनेस में एम.बी.ए. और नागार्जुना विश्वविद्यालय से उद्यमिता विकास में डॉक्टरेट उपाधि शामिल है) और अतिविशिष्ट व्यक्तित्व के धनी हैं।

अपने लंबे और वैविध्यपूर्ण कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न पदों पर कार्य निर्वहन किया है, जिसमें प्रमुख है - मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला मेजिस्ट्रेट और जिला कलेक्टर के रूप में पांच साल, मध्य प्रदेश में दो टेक्सटाइल मिल्स के प्रबंध निदेशक के रूप में, राष्ट्रीय लघु उद्योग विस्तार प्रशिक्षण संस्थान, हैदराबाद के प्रधान निदेशक के तौर पर छह साल और छत्तीसगढ़ सरकार के विभिन्न विभागों में प्रमुख सचिव के तौर पर काम किया हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय ग्रामीण संस्थान परिषद (एन.सी.आर.आई.), हैदराबाद, के अध्यक्ष पद पर दिसंबर 2007 से कार्यरत है।

उन्होंने अपने कैरियर में कई पहलों की शुरुआत की, उनमें से कुछ सबसे उल्लेखनीय है -सहकारी समितियों के माध्यम से गरीब ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण, जनता की शिकायतों के शीघ्र निपटारे के लिए ग्राहक अभिविन्यास लाने, आई.एल.ओ. मान्यताओं के अनुसार श्रम कानूनों में संशोधन, औद्योगिक शांति और सद्भाव के लिए योजनाएं शुरू करना और नई प्रबंधन प्रथाओं और आई.टी अनुप्रयोगों के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में प्रशासनिक सुधारों को लाने में सफल रहें हैं।

राष्ट्रीय लघु उद्योग विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (एन.आई.एस.आई.ई.टी.), हैदराबाद, के प्रधान निदेशक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संगठनात्मक संरचना को बदल कर विभिन्न कार्यात्मक क्षेत्रों के लिए केन्द्रों/इकाईओं की स्थापना की ताकि वह स्वायत्त इकाइयों के रूप में काम कर सके और इस प्रकार समग्र उत्पादकता और संगठन की दक्षता में सुधार के द्वारा संस्थान को पुनरुद्धारित करने की चुनौती को पूर्ण कर दिखाया।

कोरिया और इटली में अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों और अध्ययन यात्रा, ब्रिटेन में नीति निर्माताओं के साथ परस्पर संवादात्मक बैठकों और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए श्रीलंका और मॉरीशस के दौरों के माध्यम से उन्हें व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी हासिल है।

वर्तमान में एन.सी.आर.आई. के अध्यक्ष के रूप में, उनकी प्रमुख चेष्टाओं के अंतर्गत संगठन के मूल जनादेश को पुनर्परिभाषित करना और गांधीवादी और ग्रामीण उच्चतर शिक्षा/ग्रामीण विकास पर काम कर रहे संस्थानों के पुनरुद्धार के लिए नए रचनात्मक समाधान खोजने पर ध्यान केंद्रित करना रहा है। उन्होंने शांति और संघर्ष-समाधान कार्यक्रमों के लिए नई रणनीति की पहचान की और उसे विकसित किया, सूक्ष्म नियोजन, ग्रामीण विकास में ग्रामीण संसाधनों को किसानों और अन्य हितधारकों के समक्ष आसानी से पहुँचाने के लिए एक सूचना डेटाबेस बनाने के साथ अन्य संस्थानों के साथ संलग्नता (नेटवर्किंग) स्थापित करना हैं।

अपने उत्कृष्ठ कार्य के लिए उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं, इसके अलावा वें विकास, उद्यमशीलता, सार्वजनिक नीति, ग्रामीण उच्च शिक्षा और गांधीवादी विचारों से संबंधित मुद्दों पर विभिन्न पत्रिकाओं के लिए सतत योगदान करते हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई कार्यशालाओं और सेमिनारों के आयोजनों के अलावा, वें कई अन्य कार्यों में सम्मिलीत हैं। मनुष्यों और विषयों के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण, संकल्प संगठनात्मक लक्ष्यों की खोज में दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।