नयी तालीम को प्रोत्साहन:
नयी तालीम का प्रयास स्वस्थ नैतिक मूल्यों के आधार पर मस्तिष्क, हृदय और हाथों का सुसंगत विकास हासिल करना है। नयी तालीम का एक आधारभूत विचार है कि शिक्षा बच्चों पर केन्द्रित, बच्चों के स्वभाव से जुड़ी हो जिससे बच्चों पर सीखने और शिक्षा के विचारों के साथ बोझ नहीं हों। नयी पीढ़ी के शिक्षक प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य नयी तालीम संस्थाओं के भरण-पोषण और विकास के लिए नए शिक्षकों को तैयार करना है।
- प्रमुख कार्य:
- नई तालीम डिग्री/ डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट के लिए समान दर्जा प्राप्त करना
- अवधारणात्मक और सैद्धांतिक दृष्टिकोण की समीक्षा करना और पाठ्यक्रम को दोहराना और
नयी तालीम शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण
सूक्ष्म-योजना
एनसीआरआइ के पास गांधीजी के विचारों पर आधारित गांवों के धारणीय विकास का एक समग्र दृष्टिकोण है। यह सूक्ष्म योजनाओं के अंतर्गत आजीविका कौशल विकास एवं निवास में बेहतर पर्यावरण की स्थिति को बढ़ावा देने के लिए विस्तार सेवाओं की परिकल्पना है।
मुख्य लक्ष्य
- सूक्ष्म स्तरीय योजनाओं के माध्यम से विस्तार सेवाओं को समुदायों तक पहुंचाने हेतु प्रोत्साहन
- योजनाओं हेतु स्थानीय स्तर पर क्षमताओं का विकास
- ग्रामीण कार्यों में संलग्न प्रतिभागियों के प्रशिक्षण हेतु समर्थन देनाः ग्रामीण विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्राध्यापक और छात्रों को।
पाठ्यक्रमों के विकास और प्रारूप निर्माण में समर्थन विस्तार।
शांति और संघर्ष के समाधान:
गांधीवादी पथ के अहिंसक तरीके और संघर्ष समाधान के आपसी सहमति के मार्ग इस संदर्भ में उचित समाधान के रूप में फिर खोजे जा रहे हैं। जैसा कि इस दिशा में पहला कदम लोगों की मानसिकता विशेषकर बच्चों और युवाओं को और अतिवादी दुष्प्रभावित क्षेत्रों को देखभाल करने की जरूरत है। शांति और संघर्ष संकल्प के कार्यक्रम जहॉं एक तरफ लोगों में जागरूकता और जागरण लाते हैं वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञता की उम्मीद के साथ अकादमिक अनुसरण के लिए क्षेत्र बनाते हैं।
प्रमुख गतिविधियां:
- पाठ्र्यक्रम का विस्तार करना
- नए पाठ्यक्रमों को लाना
- औपचारिक डिग्री/ डिप्लोमा का निर्गमन और
क्रिया अनुसंधान कार्यक्रम की कोशिश
युवा संवेदनशील कार्यक्रम:
भारतीय युवा विश्व के किसी भी देश के जनांनिकीय खण्ड की तुलना में सबसे बड़ा माना जा रहा है जिसमें अद्भुत संभावनाएं हैं। सार्वजनिक जीवन की नीतियां और कार्यक्रम उन्हें सही दिशा देने के साथ सही मानसिक विकास के अवसर देंगी ताकि वे अपनी ऊर्जा उत्पादकता दूरंदेशी और सार्थक करने में लगा दें। एन.सी.आर.आई. के प्रस्तावित युवा संवेदनशील कार्यक्रम एक संसाधन के रूप में युवाओं के विचारों और गांधीवादी आत्मविश्वास के विचारों के बीच सेतु बनाने का काम करता है।
प्रमुख गतिविधियां:
- युवाओं को विचार समर्थ बनाना और ग्रामीण भारत की संभावनाओं को महसूस और सश्क्त करने और विकास की प्रक्रिया में उनको परिवर्तनकारी कारक के रूप में बनाना।
- युवाओं को अपने आत्मविश्वास के मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाना और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करना।
सीखने के मापदण्ड विकसित करना और गांधीवादी विचारों के साथ युवाओं को नजदीक से जोड़ने की रणनीतियां बनाना।
एनसीआरआइ प्रयोगशालाएं:
विचारों और संस्थाओं की उपलब्ध प्रथाओं/ कोशिशों के सफल आदर्शों को दोहराने के लिए इन्हें दूसरी संस्थाओं तक विस्तृत किया जा सकता है।
प्रमुख गतिविधियां:
- शिक्षा में सर्वोत्तम कोशिशों को पहचानना पोषण करना और दोहराना ताकि वे ग्रामीण बदलाव में अपना योगदान दें और
पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में विशेषकर ग्रामीण तकनीक गैर-परंपरागत ऊर्जा और धारणीय कृषि के संदर्भं में सर्वोत्तम कोशिशों की पहचान करना।
एन.सी.आर.आइ. और भागीदारी:
एनसीआरआइ का ज्ञान और अभिनव विचार तभी बहुत प्रभावकारी हैं जब वे बड़े समुदाय द्वारा गढ़े, परिस्थिति का फायदा उठाने के लिए लागू किये जाते हैं। एनसीआरआई का प्रयास सूचना के आदान-प्रदान से आगे बढ़कर समस्याओं को हल करना और नए मूल्यों की स्थापना करना है जिससे कि विभिन्न सूचना विभाजित समुदायों के बीच नए सेतु बनते हैं। सार्थक भागीदारी, निरंतर सुधार की नींव है। एनसीआरआइ ऐसी अनुपूरक साझेदारी विकसित करने, अपनाने, अभ्यास और योजना बनाने में विश्वास रखती है जिससे आदर्श भूमिकाएं विकसित और विस्तृत हों। नए दृष्टिकोणों पर अनुसंधान और ज्ञान के अनुप्रयोग और सर्वोत्तम कोशिशों की पहचान के लिए नई पीढ़ी को अभिनव पद्धतियों की जरूरत है। यह तभी संभव है जब हम युवाओं के साथ विभिन्न साझेदारों ओर विभिन्न स्रोतों की आगतों को भागीदारी की अनुमति देंते हैं और जब मूल्यों को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्र- विशेषकर वंचित समुदायों के द्वारा फायदा लेने की बात आती है तो चुनौतियां व्यापक हो सकती हैं। विशेषज्ञों, स्थानीय कार्यकर्त्ताओं और सामुदायिक प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के साथ एक सहभागिता का दृष्टिकोण आवश्यक है। एनसीआरआइ ऐसे कई गुना नए विचारों और उदेश्यों में भागीदारी के लिए खुला है। |